Sunday, 30 August 2020

कुछ पंक्तियाँ


~


 उसने पूछा ये ठहाके 

का राज़ क्या है 

आँखें खामोश थी 

गम को कहीं तो

ठहरना था 

आज हसी में ही सही 

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उसकी निशानियां 

अब बंद पड़ी हैं मेरे पास 

वो संदूक तो जंग खा गया 

पर वो बेजान चीज़ें 

अब भी उतनी ही 

खूबसूरत हैं यादों की तरह 

सोचती हूँ काश कभी 

यादों को भी जंग लग जाए 

~


अपने शहर के रास्तों पर 

खड़े हो कर 

जब ये सोचना पड़ जाए 

की अब जाना कहाँ है 

तब ये अहसास होता है 

मेरा शहर अब 

मुझे भुलाने लगा है 

~


वो कलम मेरी बड़ी दुश्मन थी 

जब भी खत में तुझे 

तेरी शिकायत में उतारना चाहा 

अक्सर टूट जाया करती थी 


~


वो मज़दूर सब आलिशान आशियाने की 

छत मरम्मत कर आया 

पर अपने घर की छत से टपकते पानी ने 

उसे समझाया 

मौसम बदलने का इंतज़ार 

किया जा सकता है 

~

30 comments:

  1. बहुत सुन्दर

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका ।

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका ।

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  3. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज सोमवार 31 अगस्त 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका आपका मेरी रचना को स्थान देने पर ।

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  4. बहुत खूब ...
    यादों को जंग लग्न ... पर कब लगता है ...
    ताउम्र ताज़ा रहती हैं खिले फूल की तरह यादें ... सभी छोटी छोटी बातें लाजवाब ...

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका नेस्वा सर ।

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  5. बहुत बढ़िया

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका

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  6. अद्भुत! मधुलिका जी, बहुत गहरे अहसास और गुढ़ अर्थ से भरी यह कविता मेरे लिए अनमोल है।

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    1. तहेदिल से शुक्रिया आपका आपका ।

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    1. तहेदिल से शुक्रिया आपका ।

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  8. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 2 सितंबर 2020 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. मेरी रचना को स्थान देने पर बहुत बहुत शुक्रिया ।शुभकामनाएँ,

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  9. वाह!!!
    बहुत सुन्दर सार्थक लाजवाब सृजन।

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका ।

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  10. मौसम निश्चित ही बदलेगा।

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका ।

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  11. बहुत ही सुंदर मन को छूती अभिव्यक्ति दी।
    प्रत्येक बंद कुछ कहता सा।
    सादर

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका। आदरणीया प्रणाम 🙏

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  12. भावपूर्ण कोमलता का अहसास लिए

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका ।आदरणीया शुभकामनाएँ,

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  13. अत्यंत सुन्दर एवं अत्यंत भावपूर्ण

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका,

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  14. बहुत अच्छी दिल को छू जाने वाली भावपूर्ण प्रस्तुति

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका,आदरणीया शुभकामनाएँ ।

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  15. वाह
    बहुत सुंदर सृजन
    बधाई

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया सर ।

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