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Friday, 15 September 2017

हिम्मत का आधा टुकड़ा


सोचना समझना और चलना उन रास्तों पर 
पर फिर कभी न निकल पाना उन बंधनो से 
जो वक़्त के साथ बंधते और कस्ते जाते हैं |
एक अजगर की पकड़ की तरह 
जहाँ दम घुटने के अलावा कुछ नहीं है 
जो दिन रात आपका सुख चैन निगल रहा है 
और धीरे - धीरे आपको भी |
पर ज़िन्दगी अगर हार कर भी हारती नहीं 
निकल भागने का मौका तलाशती वो टूटी हुई हिम्मत 
वो दल दल में धस्ता जीवन 
पर कहीं अब भी खुला आकाश 
और उम्मीद का एक तारा
और थोड़ी सी रौशनी 
टूटी नाव को शायद अब मिल रहा है किनारा | 
तूफान तो थमा है ज़िन्दगी का 
पर सब अस्त व्यस्त उजड़ा और अधूरा - अधूरा सा 
तुम मेरी हिम्मत का आधा टुकड़ा संभाल कर रखना 
जब तक मैं उस बाकी आधे टुकड़े को ढूंढ  न लाऊं |

Monday, 8 June 2015

अधूरी कहानी


सब रंग भर दिए पर तस्वीर अभी अधूरी है 
बातें बहुत कही और सुनी हमनें 
पर मुलाकात अब भी अधूरी है
मंजिल तक जाना मजबूरी थी
पर सफ़र अब भी अधूरा है
अधूरी तस्वीर पूरी करदो
रेत पर बनी है तस्वीर
इसे पानी के रंग से भर दो
मुलाकात अब पूरी कर दो
कहानी जो अधूरी थी
उसे मुझे सुनने वाले
शब्दों से भर दो 
उस मजिल तक
तुम साथ जाना चाहते थे
अब आ भी जाओ
तुम्हारे इंतज़ार में
सफर के बीच में
जहाँ रुकी थी मैं
उस खाली स्थान को भर दो 
इस आत्मा को
शरीर के बंधन से मुक्त कर दो
रेत की तस्वीर थी
पानी का रगं था
लहरें उसे अपने साथ वापिस ले गई 
ढूंढ़ती रही आँखें पुराने निशान
तस्वीर, मुलाकात, मंज़िल
कुछ नहीं था दूर तक बस एक खामोशी 
लहरों की हल चल और पक्षियों का कलरव |