Friday, 12 February 2016

ऐ वीर तुझे अनंत नमन


ये कहकर गया था जब अबकी बार आउंगा
माँ गोद में तेरी सर रख कर जी भरकर सोउँगा ।
लाल मेरा तू तो है भारत माता का प्रहरी
इसीलिये नींद तेरी रहती थीं आँखों से ओझल
कभी न वो तेरी पलकों में ठहरी ।
पर माँ का दिल आज अचानक से दरक गया
क्यों आज पूजा का थाल हाथ से सरक गया ।
जहां कहीं मेरे जिगर का टुकड़ा होगा 
आज नहीं तो कल लौटेगा ।
हर नई सुबह 
आस उम्मीद का एक नया दीप जला होगा 
माँ ने याद किया होगा 
बचपन से जवानी तक का सफरनामा ।
पत्नी ने याद किए होंगें 
सारी जिंदगी साथ निभाने के वचन
वो सिदूंर मंगलसूत्र और चूड़ीयों में बसे सुनहरे पल ।
बहुत सी जंग जीती जीवन में 
पर अब वो कौन सी जंग हार गया ।
एक माँ को जिम्मेदारी का आखिरी नमन कर 
दूजी माँ की गोद में सोने को आतुर 
लम्बी नींद को चला गया ।
नहीं डरा वो वीर सपूत
पूरी मुस्तेदी से डटा रहा
अपनी ज़िम्मेदारी को दर्ज करा गया ।

24 comments:

  1. कविता के माध्यम से सच्ची श्रद्धांजलि। वीर सपूत को शत शत नमन।

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका राजेश कुमार जी.

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  2. कविता के माध्यम से सच्ची श्रद्धांजलि। वीर सपूत को शत शत नमन।

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    1. आभार आपका राजेश कुमार जी.

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  3. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" रविवार 14 फरवरी 2016 को लिंक की जाएगी............... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका दिग्विजय अग्रवाल जी मेरी रचना को पांच लिंको में स्थान देने पर.

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  4. सैनिकों को जीवन की सच्चाई बयान करती बढ़िया कविता।

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका ज्योति जी.

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  5. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, " टेंशन नहीं लेने का ... मस्त रहने का - ब्लॉग बुलेटिन " , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका.

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    2. बहुत बहुत शुक्रिया आपका मेरी रचना को ब्लाग बुलेटिन में स्थान देने पर.

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  6. सियाचीन के वीर सपूतों को शत शत नमन। आपकी सुंदर श्रध्दांजली को भी नमन।

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका आशा जी.

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  7. शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले, वतन पर मिटने वालों का बाकी यही निशाँ होगा।
    देश की रक्षा हेतु माँ भारती के शहीद वीर सपूत को श्रद्धा सुमन!

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका कविता जी.

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  8. माँ के लिए उसके सुपुत्र हमेशा तैयार रहते हैं ... सब कुछ लुटा देते हैं .. अपनी जान तक लुटा देते हैं ... नमन है अमर वीर सैनानियों को ...

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका दिगम्बर सर जी.

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  9. बहुत मर्मस्पर्शी अभिव्यक्ति। जय हिन्द

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका कैलाश जी.

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  10. बहुत सुंदर, सार्थक और भावपूर्ण अभिव्यक्ति

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका हिमकर जी.

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  11. ऐसे वीर सेनानियों को नमन! मर्मस्पर्शी भाव...

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    1. बहुत बहुत शुक्रिया आपका.

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    2. बहुत बहुत शुक्रिया आपका.

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