मेरी स्याही के रंग
Sunday, 30 August 2026
तेरी यादों का अल्ज़ाइमर
›
वो मुलाक़ात का सफ़र बहुत ख़ास कुछ भी नहीं अपने पर अपनी ही ज़फ़र उन यादों को बक्से में समेट कर हज़ारों मील दूर चले जाना एक एक याद...
2 comments:
Tuesday, 26 May 2026
बचपन हॉस्टल घर
›
वो ख़ामोशी बचपन में हॉस्टल की मेरे अंदर धीरे धीरे घर करने लगी थी शब्द जुबां पर कम ज़ेहन में ज़्यादा जमा होने लगे थे कलम कागज़ की ...
18 comments:
Wednesday, 15 April 2026
जब बारिश मुस्कुराई
›
आज बारिश बरसते हुए मेरे साथ मुस्कुराई उसने कहा, आज मैं आँखों के पानी की तरह नहीं बरसूँगी मुस्कुराहट के मोतियों सी बिखरुंगी कुछ...
15 comments:
Saturday, 13 July 2024
शब्द
›
तुम भी वहाँ मौजूद नहीं थे मेरा तो खैर सवाल ही नहीं उठता पर हमारे ख्याल वहाँ मौजूद थे पर हमने कभी ज़िरह की ये सवाल ही नहीं उठता हमारे मौन ...
28 comments:
Saturday, 30 March 2024
मेरा स्वाभिमान
›
तुम मुझे देखना चाहते हो मदारी के बंदर की तरह कितना हसीन ख़्बाव है तुम्हारा , मेरा तुम पर ऐतमाद की जहां मुझे लगे की कद...
16 comments:
Sunday, 18 February 2024
कुछ पंक्तियाँ दिल से...
›
~ 1 ~ बड़ा अजीब है जनाब ये तेरा शहर आँखों में बड़े बड़े ख़्वाब लिए सारी रात बेचैनी से यहाँ से वहाँ भागता ही रहता है तभी तो ये रात भर ...
30 comments:
›
Home
View web version