मेरी स्याही के रंग
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डर
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Sunday, 4 October 2020
पंक्तियाँ.. दिल से
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उसने पेपर पर और मैंने माँ के हाथ पर कर दिए दस्तखत और हमें मिल गयी अपने अपने हिस्से की दौलत ~ हर दिन डरती थी तुम्हे खोने से पर अब देख...
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Thursday, 17 December 2015
माँ का इंतज़ार
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माँ मुझे आज भी तेरा इंतज़ार है पता नही क्यों ? तू आती है मिल्ती है और प्यार भी बहुत करती है तुझे मेरी फिक्र भी है ...
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